सपने-the story of broken dreams

 आयने में देखकर रिया मेकअप कर रही थी । लिपस्टिक लगा रही थी । कुछ ब्यूटी क्रीम चेहरे पर थोप रही थी । बालों में गजरा लगा रही थी । लेकिन ये सब करने में उत्साह बिल्कुल नहीं था । उसकी आंखे अब सभी सपने से परे हो गयी थी ।

रिया वर्मा १७ साल की अजान लड़की थी । अपने माँ बाप की लाड़ली बेटी । उसका सपना था के बड़ा ऐक्टर बनना । उसके १७ वे बर्थडे पर उसके पापा ने उसे एक महंगे वाला फोन लाके दिया वो बहुत खुश हो गयी । वो कॉलेज जाने लगी थी तो नए दुनिया में आकर उसे बड़ा ही स्पेशल महसूस हो रहा था । देखने में बेहद सुंदर और वो जिम भी जाती थी उसकी फिगर भी अच्छी थी ।

  ऐसे में ही एक दिन सोशल मीडिया पर उसकी एक लड़के से मुलाकात हो गयी । जैसे कोई लड़की अपने सपने मे किसी राजकुमार की अपेक्षा रखती है ठीक वैसे ही था वो !

उसका नाम सुजीत था । धीरे धीरे रिया की सुजीत के साथ बातचीत बढ़ें लागि दोनों ने नंबर भी एक्सचेंज कर लिया था । सुजीत पुणे में एक बड़ी कंपनी में काम करता था ।

एक दिन उनकी मुलाकात तय हुई । गाव ही के एक बगीचे में वो दोनों मिले । रिया को सुजीत पहले मुलाकात से ही पसंद आने लगा ।  उसी बगीचे में सुजीत ने रिया को प्रपोज कर दिया । रिया ने भी तुरंत हाँ बोल दिया । उसके लिए तो ये सब सपने जैसा था । दोनों अब चुपके चुपके मिलने लगे । सुजीत हर  शनिवार रविवार रिया से मिलने उसके गाव आता था । 

सुजीत ने कहा मेरे पहचान का एक बड़ा डायरेक्टर है वो तुम्हें काम दे सकता है लेकिन उसके लिए तुम्हें मेरे साथ पुणे आना होगा ।

रिया सोच में पड़ गयी । ममी पापा से इसकी इजाजत कैसे मिलेगी ये सोचकर उसका दिमाग खराब हो गया ।

उसने हिम्मत करके मम्मी पापा से इसके बारे में पूछा । लेकिन उन्होंने इस चीज के लिए साफ मना कर दिया ।

रिया बैचेन थी अपने मम्मी पापा का मन वो दुख नहीं सकती थी लेकिन उसे सुजीत से लगाव भी बढ़ गया था और अपने सपने को वो ऐसे मरते नहीं देख सकती थी । उसने ठान लिया की उसे ऐक्टर बनना है । एक रात उसने अपना बॅग भरकर सुजीत के साथ पुणे चली गयी ।

अब वो दोनों साथ रहने लगे । सुजीत ने शादी का वादा किया था वैसे ही एक पुराने मंदिर में उन्होंने शादी कर ली । हनीमून के लिए वो खंडाला भी गए । उसके लिए तो ये सब सच मे अपने जैसा था ।

वापिस आने के कुछ दिन बाद जब सुजीत घर पर नहीं था कुछ लोग उसके घर आए और जबरदस्ती रिया को ले जाने लगे ।

“मुझे छोड़ दो, कहा लेके जा रहे हो मुझे?”
“तुम अब हमारी हो हमने तुम्हें खरीद लिया है”
“खरीद  लिया है? मैं क्या ओई बिकाऊ चीज हूँ जो बिक जाए?”
“ये सब हमसे मत पूछो”

 तभी वहाँ पर सुजीत आता है । उसे देखते ही रिया उसे गले लगाकर पूछती है ।

“देखो न ये लोग क्या कह रहे है”
“ये लोग सही कह रहे है तुम अब इनकी हो चुकी हो”
  उसे अपने गले से हटकर सुजीत ने कहा ।

ये सुनते ही रिया की मानो धरती ही फट गयी । उसने बड़ेआवाज में पूछा ।

“क्यों किया तुमने मेरे साथ ऐसा? मैंने तो तुमसे प्यार किया था न?”
“ये प्यार क्या होता है मुझे नहीं मालूम नहीं मेरे लिए तो तुम एक शिकार थी ।  एक ऐसी चीज जो मुझे कर्जे से छुटकारा दे सकती थी”
  वो जोर जोर से हसने लगा । वो रोटी रही चिल्लाती रही लेकिन वो जानवर लोग उसे जबरदस्ती उठाकर ले गए । कुछ दिन बाद उनका मन भरने के बाद उन्होंने उसे पुणे के बुधवार पेठ में बेच दिया ।

शुरुवात में उसने  बहुत विरोध किया । लेकिन भूक और अत्याचार के सामने वो झुक गयी ।

रोज रात को खुद को वो एक सवाल करती । मेरी क्या गलती थी ?
ऐक्टर बनने के सपने देखन या फिर सुजीत से प्यार करना?
  न सपने देखना गलत था और ना ही प्यार ! अपने माँ बाप की ना सुनना और गलत आदमी से प्यार करना यही उसकी सबसे बड़ी गलती थी ।

अभी उसके आँखों में ना कोई सपना था ना किसी के लिए प्यार ।

कुछ था तो होंठों पे लिपस्टिक और बालों में गजरा जो हर रात कोई न कोई कुचल देता था ।

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