कुछ यू खतम हुआ रिश्ता हमारा
मेरे पहुँच से दूर था यार हमारा
भवरों ने छोड़ दिया फूलों का साथ यूँही
उन्हे गवारा नहीं था महकना हमारा
यह तय हुआ था की याद करेंगे किसी दिन
सब कसमें वादे भूल गया यार हमारा
न जाने क्या हुआ वो बेजान सा बन गया
कभी खुदा की तस्वीर था यार हमारा
रोका हमने भी नहीं उसे जाते वक्त
वो भी क्या पीछे मुड़ता यार हमारा
हसते हुए विदा किया हमने उसको
वो रोता तो कैसे कहलाता यार हमारा
बंजर से इस ज़िंदगी में बारिश की कोई चाहत नहीं हमें
कुछ यू वीरान सा कर गया यार हमारा
ऐसे हुआ खतम रिश्ता हमारा
मेरे पहुँच से दूर था यार हमारा