माँ के बाद
अगर तुमसे कोई प्यार करता है
वो बहन होती है
कभी तुम्हें पापा से पिटवाती
कभी तुम्हारी गलतियाँ छिपाती
बेवजह तुमसे झगड़ती
वो बहन होती है
देर से घर आने पर जो खाना गरम कर दे
सुबह सुबह लेट उठने पर ताना मार दे
तुम्हारे सारे राज पापा से छिपाकर रखे
वो बहन होती है
वो घे में हो तो
घर कैसे चहक उठता है
जैसे दीवाली से रोशन
ये जहाँ चमक उठता है
वो घर में न हो तो
त्योहार भी अमावस लगता है
हसते है हम बाहर से
पर दिल उदास लगता है
सच में बहन की कीमत
घर से जाने के बाद पता चलता है
बहन तो छोटी माँ होती है
ये बाद में पता चलता है
वो पापा की परी
माँ की दुलारी
तो भाई की भी लाड़ली होती है
जो तुम्हें तुमसे ज्यादा जानती है
वो बहन होती है
Very nice 👍👍👍
Very nice
Very nice sagar
Mast dada😍😘
Nice line 👍
खुप छान 👌👌👌