
ताज महल मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी बीवी मुमताज के याद में बनवाया था और वही पर उसे दफनाया गया ये हम सब जानते है लेकिन क्या आप जानते है की मुमताज की पहली कब्र कही और थी?
मुमताज का असली नाम अर्जुमंद बानो बेगम था । इनका जन्म सन १५९३ में आगरा में हुआ ।
राजकुमार खुर्रम जिसे शाहजहाँ के नाम से जाना जाता है उसने मुमताज के साथ सन १६१२ में आगरा में शादी की । ईसे कई लोग प्रेम विवाह भी मानते है । हालांकि शाहजहाँ की यह दूसरी शादी थी । और इस शादी के बाद भी शाहजहाँ ने एक और शादी की । इसके अलावा जनाने में ३०० से ज्यादा औरतें थी परंतु शाहजहाँ का लगाव अपने दूसरी पत्नी मुमताज के प्रति ज्यादा था ।

सन १६२८ में ताजपोशी के बाद शाहजहाँ ने मुमताज को ‘मलिका-ए-जहाँ’ (दुनिया की रानी) और ‘मलिका-उज-जमानी’ (युग की रानी ) के उपाधि से नवाजा । अपने १९ वर्ष के वैवाहिक जीवन में मुमताज ने १४ बच्चों को जन्म दिया जिनमें से सात बच्चों की जन्म के समय तथा कम उम्र मृत्यु हो गई ।
सन १६३१ में शाहजहाँ दख्खन में सैन्य अभियान पर आया था । उसका शाही परिवार भी उसके साथ था। उनका पड़ाव बुरहानपुर के किले में था । तब मुमताज चौदहवें बच्चे की माँ बनने वाली थी । किन्तु इतने सारे बच्चों को जन्म देने की वजह से मुमताज बहुत क्षीण हो गई थी । लगभग ३६ घंटे प्रसव पीड़ा सहने के बाद १४ वे बचे का जन्म हुआ ।
उसके बाद काफी रक्तस्राव होने की वजह से सन १६३१ में मुमताज का निधन हुआ और उसे बुरहानपुर में ही दफनाया गया । कुछ इतिहासकारों का मानना है की बुरहानपुर किले से कुछ दूरी पर स्थित एक इमारत में उसे दफनाया गया यही उसकी पहली कब्र थी । और इसके २२ साल बाद मुमताज के शव को बुरहानपुर से ‘ताजमहल’ में लाकर फिर से दफन कर दिया ।

( image source – https://www.patrika.com/burhanpur-news/mumtaz-s-385-th-death-anniversary-burhanpur-1317277/ )