Top 3 heartbreaking Shayari in Hindi

कुछ ज़िंदा लाशों पे चल के आया हूँ

मैं अपना किरदार जला के आया हूँ

सपनो का टूट जाना

तो खैर लाज़मी है

मैं सपनो को आग लगाकर आया हूँ

कोयला ही बाकी था उसके बाद

नंगे पैर

 उसपर चल के आया हूँ

कुछ जिंदा लाशो पर चल के आया हूँ

मैं अपना किरदार जला के आया हूँ

नरभक्षी समाज का ताना

तो खैर लाज़मी था

मैं अपनो से खंजर खा के आया हूँ

 कुछ उछल रहे थे मेरी हार देखकर

उन्ही को ज़िन्दगी के मुक्त करके आय हूँ

कुछ ज़िंदा लाशो पर चलके आया हूँ

मैं अपना किरदार जलाबके आया हूँ

अभी तो आगे और इम्तिहान है

ये मालूम है मुझे

नए जख्मों के लिए पुराने सिला के आया हूँ

अभी पीछे मुड़कर नही देखना मुझे

न जाने किस किस को भुला के आया हूँ

कुछ ज़िंदा लाशो पर चल के आया हूँ

मैं अपना किरदार जला के आया हूँ

     इतने सारे राज़ सीने में लेके जी रहा हु मैं

तुम्हे क्या मालूम कैसे पी रहा हु मैं

ये कड़वा प्याला

जिंदगी से कड़वा तो नही

तुम्हारे जख्म इसी शराब से सील रहा  हु मैं

जो नजर में तेरे लिए मुहब्बत थीं कभी

उससे नफरत में तब्दील कर रहा हु मैं

तुम्हे क्या मालूम कैसे पी रहा हु मैं

इतने सारे राज़ सीने में लेकर जी रहा हूँ मैं

सिसकना मेरा अभी बन्द हुआ तो नही

फिर भी बारिश में भीग रहा हु मैं

भुलाए हुए वादों का कोई हिसाब नही मेरे पास

अब खुद ही से खुद को मिल रहा हूँ मैं

तुम्हे क्या मालूम कैसे पी रहा हूँ मैं

इतने सारे राज सीने में लेकर जी रहा हूँ मैं

वो दौर अब नही रहा

वो मौसम अब नही रहा

तुमसे इश्क़ करने का

वो ज़ज़्बा अब नही रहा

खुशियो का पता अब गुम हो गया

उन्हें ढूंढना मेरे खयालात मैं नही रहा

वो दौर अब नही रहा

वो मौसम अब नही रहा

जाने अनजाने मैंने

बहूत लोग दुखाये है

उन्हें मनाना मेरे फितरत में नही रहा

दूरियां तेरे से पहले से ही थी

नजदीक तेरे आना मेरे बस में नही रहा

कुछ तो खामी थी मुझ में

जो तू छोड़ के चला गया

तेरे लिए रोना मेरे जज्बात में अब नही रहा

वो दौर नही रहा

वो मौसम अब नही रहा

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