चलो…
एक आखिरी बार
आखिरी सफर पर चलते है
गुजरी बातों को भूलकर
फिर एक बार एक दूसरे से मिलते है
मंजिल की मत सोचो के कहा जाना है
बस यही याद रखना के
चेहरा कुछ जाना पहचाना है
शायद फिर से दिल्लगी मुमकिन न हो
थे हम कभी हमसफ़र
बस यही याद रखना है
चलो सब गीले शिकवों को थोड़ी देर के लिए भूलते है
एक आखिरी बार आखिरी सफर पर चलते है
इकरार अब न होगा तुमको हमसे तो कोई गम नहीं
साथ चल रहे है ये भी क्या कम नहीं
पुराने जख्मों को नए से सिलते है
चलो…
एक आखिरी बार
आखिरी सफर पर चलते है
कुछ छूटा है तो उसे वही रहने दो
बाँहों में आना अब मुनासिब नहीं हमें थोड़ा दूर रहने दो
किसी और की अमानत समझ कर तेरा हाथ पकड़ते है
चलो…
एक आखिरी बार
आखिरी सफर पर चलते है
तेरी बाहों की गरमाहट को महसूस किए एक अरसा हो गया
तेरे आँखों में खुद को खोने को एक अरसा हो गया
याद दिलाकर एक दूसरे को
अब होश में आते है
चलो…
एक आखिरी बार
आखिरी सफर पर चलते है
अब तू किसी और की हो चुकी है
ये बात मैं मानता हूँ
तूफ़ानों में सब दिए बुझ गए
ये भी बात मैं जानता हूँ
खैर
अभी बारिश में चलकर अब थोड़ासा भीग लेते है
चलो…
एक आखिरी बार
आखिरी सफर पर चलते है
वापस लौटेंगे तो फिर से
एक दूसरे के लिए अजनबी हो जाएंगे
तुम्हारे और मेरे रास्ते फिर से अलग अलग हो जाएंगे
एक आखिरी बार
फिर से एक दूसरे से मुहब्बत करते है
चलो…
एक आखिरी बार
आखिरी सफर पर चलते है

Nice bro 👍
👌👌👌
Heart touching…. keep writing such beautiful lines….